जेनेरिक दवाइयों की बढ़ती मांग
पिछली बार (6/19/17) आपको
जेनरिक दवाइयों के बारें मैं बताया गया था और यह भी बताया गया था की जेनरिक
दवाइयां नामी ब्रांड की दवाइयों से करीब
१/४ दामों में मिल जाती है। इधर कुछ
बर्षों में बंगाल में राज्य सरकार द्धारा सरकारी अस्पतालों में जेनरिक दवाइयों के
स्टोर खोले गये हैं और वहां काफी मात्रा में जेनेरिक दवाइयां बिक रही है। सरकारी
अस्पतालों की यह दुकाने PPP
अर्थात Public Private Participation के आधार पर चल
रही है। इन दुकानों में एक एक B.Pharm डिग्री वाले रहते
हैं ताकि आप कोई भी ब्रांडेड दवाई का प्रेस्क्रिप्शन लाने पर भी फार्माशिस्ट आपको
सही जेनेरिक दवाई दे सके। इन दुकानों में
आप अपनी दवाई का पत्ता दिखाने पर भी आपको
दवाई मिल जायेगी। दूसरे राज्यों में राज्य सरकारों की ओर से भी जेनेरिक दवाइयों की
दुकाने खुलने लगी है या खुल चुकी है।
बंगाल सरकार के साथ साथ
केंद्रीय सरकार की प्रधानमंत्री जन-औषधि योजना में भी जेनरिक दवाइयों की दुकाने
खोली जा रही है। इन दुकानों में राज्य
सरकार की दुकानों से भी सस्ती दवाइयां मिलती है।
जहाँ सरकारी अस्पतालों में ६५% से ७०% छूट (MRP पर ) पर दवाइयां बिकती है वहीं पर जन-औषधि दुकानों पर MRP पर दवाइयां मिलती
जिनकी MRP काफी काम होती
है। उदाहरण स्वरुप pentaprazole-४० mg, दवाई भारतीय जन-औषधि स्टोर में प्रति १० टेबलेट १० रूपये MRP पर १० रूपये में ही
मिलती है वहीँ राज्य सरकारी अस्पताल की दूकान में इस दवाई का MRP ८० रूपये हो सकता है
और यह दवाई ७०% डिस्काउंट पर मिलने पर इसका यथार्थ दाम बैठेगा २४ रुपया
अर्थात जन-औषधि की दूकान से करीब ढाईगुना अधिक, जबकि ब्रांडेड
में इस दवाई का दाम बैठेगा ८० रुपया १०
टेबलेट के पत्ते का। इसी प्रकार कुछ दवाइयां राज्य सरकार की दुकानों में जन-औषधि
की दूकान से सस्ती बैठेगी। वैसे जन औषधि
की दुकानों में दवाइयों के दाम आपको इनकी वेबसाइट (janaushadhi.gov.in/data/MRPList.pdf
) में मिल जायेगी जबकि राज्य सरकार की दुकानों के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
क्यों की इन दवाइयों की
गुणवत्ता सरकारों द्धारा प्रमाणित है अतः आप निश्चित हो कर जेनेरिक दवाइयां खरीद
सकते हैं और कुल मिलाकर आप दवाइयों के मद में
१/३ से १/ १०तक बचत कर सकते
है अर्थात आपकी ब्रांडेड दवाई की खपत अगर महीने में
१००० रूपये की है तो आपको जेनेरिक में ये सारी दवाइयां अब आपको १०० से ३५० रूपये में ही उपलब्ध हो जायेगी ।
जेनेरिक दवाइयों की
गुणवत्ता, क्षमता , मात्रा, लाभ आदि सभी कुछ
ब्रांडेड दवाइयों के बराबर ही है। अतः
निश्चिंत होकर जेनेरिक दवाइयां का उपयोग कर अपना खर्च बचायें।
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