गौ हत्या : एक विवेचन
हम हिन्दू गाय को माता समान मानते है इसलिये उन्हें गौमाता कहतें हैं। फिर भी स्वतंत्र भारत में भी हम गौमाता को कटते हुये देख रहे हैं। हम अक्सर कहते सुनते हैं की गौ - हत्या बंद हो । गौ - हत्या कभी धार्मिक तो कभी राजनैतिक मुद्दा बनता रहता है। हम कभी मुसलमानों को , कभी कसाइयों को तो कभी वोट बैंक की राजनीती को इसके लिये जिम्मेदार ठहराते है। लेकिन सच्चाई तो ये है की हमारा देश एक धर्मनिरपेक्ष देश है और देश चलानेवालों को संविधान के दायरेमें रहकर ही देश चलाना पड़ता है। इस मुद्दे पर हमारा क़ानून कभी भी किसीको भी जोर जबरदस्ती की इजाजत नहीं देता। कोई ग्वाला जब एक गाय पालता है तो उसका मकसद गाय की सेवा करना नहीं होता। वह तो गाय को एक दूध बनाने वाली मशीन समझता है I जिस प्रकार हम व्यवसाय के लिए मशीन पर खर्च करतें हैं , उसी प्रकार ग्वाला भी गाय से अधिक मात्रा में दूध पाने के लिए खर्च करता है और जरुरत पड़ने पर वह इसके लिये गाय पर अत्याचार भी करता है फिर चाहे वह ग्वाला हिन्दू हो या मुसलमान। इसी प्रकार किसान भी अपने फायदे के लिए ही पशु पालता है I ऐसे में हम उन...