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Showing posts from May, 2019

असुर आजकल कहां रहते हैं?

बहुत मजेदार प्रश्न है ! "असुर" पश्चिम बंगाल में रहतें हैं! जी हाँ ! पश्चिम बंगाल का एक हिस्सा "जंगलमहल" यानि वनांचल कहलाता है ! इसमें चार जिले पड़ते है - पुरुलिया, झारग्राम, बांकुरा और मिदनापुर। यहाँ घने वन है और जनजाति और आदिवासिओं का गढ़ है, विशेष कर संथालिओं का , इनमेसे एक जनजातिके लोगों का उपनाम “असुर” भी है। महिषासुर इनके देवता हैं और ये मानते है कि (देवी) दुर्गा ने धोखे से महिसासुर का वध किया था। अतः ये लोग दुर्गा पूजा नहीं करते वल्कि महिषासुर की पूजा करतें हैं जिसप्रकार दक्षिण भारत में कई जगह 'रावण' को मान्यता प्राप्त है उसी तरह ! इन आदिवासिओं के अनुसार इनका नेता  "महिसासुर"  चाईचंपा में रहता था। महिसासुर को आदिवासी भाषा में  हुदूर दुर्गा  कहा जाता है । आदिवासिओं के अनुसार ये तो उन्हें बाद में पता चला की हुदूर दुर्गा को आर्य लोग महिषासुर कहते थे। महिसासुर के राज में आर्यों ने वनांचल में आक्रमण किया। राजा महिसासुर बहुत शक्तिशाली था और उसे आर्य लोग हरा नहीं पा रहे थे ! अतः उन्होंने हमारे समाज की कमजोरियां पकड़ने की कोशिश करि और उन्हें पता चल ...

ভারতের পক্ষে বর্তমান মিসাইল প্রযুক্তি ব্যবহার করে স্যাটেলাইট ধ্বংসের মাধ্যমে যুদ্ধে জয়লাভ কি সম্ভব!

যেসব স্যাটেলাইট, মিশাইল ছুঁড়ে নষ্ট করার কথা এখন বলা হচ্ছে, সেগুলি সবই পৃথিবীর অত্যন্ত নীচু কক্ষপথে চলায়মান। মূলত তিন প্রকার কক্ষপথে সমস্ত স্যাটেলাইট পৃথিবী কে আবর্তন করে। এগুলি হল ক) লোয়ার আর্থ অরবিট ( LEOপৃথিবী থেকে ২০০০কিমি উচ্চতা অবধি), খ) মিডিয়াম আর্থ অরবিট (MEO ২০০০ কিমির বেশি থেকে ৩৫৭৮৬ কিমি অবধি উচ্চতা), এবং গ) হাই আর্থ অরবিট (HEO ৩৫৭৮৬ কিমি এর বেশি উচ্চতা) ।  List of orbits - Wikipedia যে ক্ষয়প্রাপ্ত স্যাটেলাইটটি ভারত ধ্বংস করেছে তা হল ৩০০ কিমির অত্যন্ত নিচু কক্ষপথে চলমান একটি স্যাটেলাইট। কোনো গুরুত্বপূর্ণ স্যাটেলাইট কিন্তু এই স্তরে রাখা হয়না। কারণ-  Low Earth orbit - Wikipedia 1. এই স্তর পৃথিবীর খুব কাছাকাছি থাকায় এখান থেকে পৃথিবীর দৃশ্যতা (Field of View) খুবই কম। তাই এই স্তরে ভাল দৃশ্যতা পাওয়ার জন্য একগুচ্ছ (Constellation) স্যাটেলাইট একসঙ্গে কাজ করা দরকার অর্থাৎ উঁক্ষেপনকারী দেশ কে একসঙ্গে ২৫-৩০ টি বা তার বেশিও স্যাটেলাইট একসঙ্গে উৎক্ষেপণ করতে হবে। 2. এই স্তরে স্যাটেলিটগুলি দ্রুত উচ্চতা হারায়। ফলে এগুলি কে সময় সময়ে রিবুস্ট করতে হয় যাতে এদের কক্ষপথের উচ্চতা ও ...