जेनेरिक दवाइयों की बढ़ती मांग
पिछली बार (6/19/17) आपको जेनरिक दवाइयों के बारें मैं बताया गया था और यह भी बताया गया था की जेनरिक दवाइयां नामी ब्रांड की दवाइयों से करीब १/४ दामों में मिल जाती है। इधर कुछ बर्षों में बंगाल में राज्य सरकार द्धारा सरकारी अस्पतालों में जेनरिक दवाइयों के स्टोर खोले गये हैं और वहां काफी मात्रा में जेनेरिक दवाइयां बिक रही है। सरकारी अस्पतालों की यह दुकाने PPP अर्थात Public Private Participation के आधार पर चल रही है। इन दुकानों में एक एक B.Pharm डिग्री वाले रहते हैं ताकि आप कोई भी ब्रांडेड दवाई का प्रेस्क्रिप्शन लाने पर भी फार्माशिस्ट आपको सही जेनेरिक दवाई दे सके। इन दुकानों में आप अपनी दवाई का पत्ता दिखाने पर भी आपको दवाई मिल जायेगी। दूसरे राज्यों में राज्य सरकारों की ओर से भी जेनेरिक दवाइयों की दुकाने खुलने लगी है या खुल चुकी है । बंगाल सरकार के साथ साथ केंद्रीय सरकार की प्रधानमंत्री जन-औषधि योजना में भी जेनरिक दवाइयों की दुकाने खोली जा रही है। इन दुकानों में राज्य सरकार की दुकानों से भी सस्ती दवाइयां मिलती है। जहाँ सरकारी अस्पतालों में ६...