हिन्दू तुष्टिकरण बीजेपी को ले डुबेगा

BJP लगातार हार रही है, गुजरात विधान सभा के चुनाव में बीजेपी की सीट घटनेसे खेल शुरू हुवा। उसके बाद, राजस्थान , मध्यप्रदेश , उत्तरप्रदेश, बिहार , बंगाल में लगातार चुनावों में हार ही हार। बिच में सिर्फ छोटे से त्रिपुरा में एक बड़ी जीत वो भी तब जब त्रिपुरा में पिछले २५ साल से सी.पी.एम. की सरकार थी और स्वभाविक रूप से ऐसी सरकारों के विरुद्ध लोग भोट डालतें ही है। पर बड़े प्रदेशों में बीजेपी की हार यह दर्शाता है की लोग बीजेपी से क्षुब्ध हैं।
गोरखपुर और फूलपुर से बीजेपी को १५०००० वोटों से जितना चाहिए था क्यों की २०१४ के चुनाव में इन दोनों जगह से बसपा और सपा दोनों का कुल प्राप्त भोट से बीजेपी को डेढ़ लाख भोट ज्यादा मिले थे। अतः यह साबित हो गया बीजेपी का भुत अब लोगों के सर से उतर रहा है। इन परिस्थितिओं में २०१९ के लोकसभा के चुनाव में अगर बिपक्ष ढंग से एक जुट हो कर लड़े तो बीजेपी हवा हो जायेगी। याद रहे २०१४ के चुनाव में बीजेपी को महज ३१% वोट मिले थे और उसीसे बीजेपी को २८२ सीटें मिल गई। अतः अब बीजेपी के समझ में आ गया होगा की महज हिन्दुत्व से उनका काम नहीं चलेगा और बीजेपी चाहे जितना भी हिन्दू तुष्टिकरण की राजनीति करे, हिन्दू भी बीजेपी की चाल समझ गए है की बीजेपी बिना कामकाज किये हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को गुदगुदाकर चुनाव जितना चाहती है।

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